खाकी को अलविदा: IPS सुनील मेहता ने छोड़ी नौकरी, VRS मंजूर
इंदौर DCP जोन-4 की कुर्सी अब खाली; करीब साढ़े चार साल की सेवा बाकी थी, परिवार को समय देने का लिया फैसला
इंदौर। मध्य प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और इंदौर जोन-4 के DCP सुनील मेहता ने पुलिस सेवा को अलविदा कह दिया है। मध्य प्रदेश शासन ने उनके स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी VRS के आवेदन को मंजूरी दे दी है। मेहता ने 1 जून 2026 को VRS के लिए आवेदन किया था और शासन ने 31 अगस्त से उनकी सेवानिवृत्ति स्वीकार की है।
सुनील मेहता मई 2026 में ही इंदौर जोन-4 के DCP बनाए गए थे। इससे पहले वे इंदौर ग्रामीण के एसपी और सिवनी के पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वे राज्य पुलिस सेवा से प्रमोट होकर IPS बने अधिकारी हैं।
परिवार को समय देने का फैसला
मेहता के मुताबिक उन्होंने यह फैसला व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों से लिया है। उनका कहना है कि अब वे परिवार के साथ अधिक समय बिताना चाहते हैं। खास बात यह है कि सेवा में अभी करीब साढ़े चार साल बाकी थे।
इंदौर पुलिस में एक और बड़ा पद खाली
सुनील मेहता के VRS के बाद इंदौर पुलिस में DCP स्तर का एक और पद खाली हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार ट्रैफिक DCP और पुलिस मुख्यालय DCP का पद भी रिक्त है। ऐसे में आने वाले दिनों में इन पदों पर नई पदस्थापना को लेकर पुलिस महकमे में हलचल बढ़ सकती है।
2016 बैच के प्रमोटी IPS
मेहता 1996 बैच के राज्य पुलिस सेवा अधिकारी रहे और बाद में वर्ष 2016 में प्रमोटी IPS बने। उन्होंने इंदौर में ट्रैफिक से लेकर ग्रामीण क्षेत्र और सिवनी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। 2023 में उन्हें पुलिस सेवा के लिए इंडियन पुलिस मेडल से भी सम्मानित किया गया था।
अब इंदौर पुलिस में बड़ा सवाल—जोन-4 की कमान किसके हाथ?
मेहता के VRS के बाद पुलिस विभाग में नई पदस्थापना को लेकर निगाहें शासन के अगले आदेश पर टिक गई हैं
इंदौर जोन-4 के डीसीपी सुनील मेहता ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए जून 2026 में शासन को पत्र लिखा था। राज्य शासन ने उनका आवेदन मंजूर कर लिया है। सोमवार को उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की अनुमति से संबंधित आदेश मिल गया।
भोपाल से सोमवार रात जारी आदेश में सुनील मेहता को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की अनुमति दी गई है। उन्होंने 1 जून 2026 को शासन को पत्र लिखकर पारिवारिक कारणों के चलते सेवानिवृत्ति देने का अनुरोध किया था। उन्होंने 31 अगस्त तक इसकी अनुमति दिए जाने की मांग की थी।
पुलिस विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सेवानिवृत्ति के बाद एक साल तक सुनील मेहता किसी भी व्यावसायिक पद पर नियुक्त नहीं हो सकेंगे। उनका सेवाकाल करीब साढ़े चार साल से अधिक बचा हुआ था।





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