गरीबी से तंग आकर सरकारी फाइलों की बेरुखी, रतलाम में गुस्से में आकर युवक ने पीएम आवास हासिल करने की हरेक कोशिश हुई नाकाम तो युवक ने जलाई पंचायत हर फाइल थाने में सौंप आए ग्रामीण.

रतलाम: मध्य प्रदेश के रतलाम में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने. साथ ही शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित एक शख्स इतना व्यथित हो गया कि उसने पूरी पंचायत को ही आग के हवाले कर दिया. पूरी दफ्तर देखते ही देखते आग के भभके में बदल गया. हरके फाइल को गुस्से में युवक ने फूंक दिया. घटना रतलाम जनपद के मांगरोल गांव की है. यहां गोपाल नाम का शख्स अपनी बच्चियों के लिए एक छत की तलाश में बार बार अप्लाई करता था. कुछ सरकारी योजनाओं का लाभ चाहता था. मगर उसे हर बार नाकामी हासिल हो रही थी.

आखिरकार आक्रोशित ग्रामीण ने पहले नशा किया और फिर पेट्रोल लेकर पंचायत ऑफिस पहुंचा. फिर सबके सामने पेट्रोल छिड़ककर पंचायत ऑफिस को आग लगा दी. हरेक फाइल जला दी. आसपास के ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया और ग्रामीणों ने आरोपी गोपाल को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया है. बताया जा रहा है कि आरोपी शख्स शराब पीए हुए था और उसने नशे की हालत में इस घटना को अंजाम दिया है.


                           युवक ने जला डाली पंचायत 

मांगरोल पंचायत का यह पूरा घटनाक्रम है. यहां के निवासी गोपाल नामक शख्स ने पंचायत भवन को ही आग के हवाले कर दिया. मामले की जांच कर रहे एसआई जगदीश यादव ने बताया कि "आरोपी व्यक्ति गोपाल इस बात से नाराज था कि ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाली शासकीय योजनाओं का लाभ उसे नहीं मिला था. प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में भी उसका नाम नहीं होने पर उसने शुक्रवार को पंचायत भवन में आग लगाने की घटना को अंजाम दिया है. आरोपी व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है और शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने व अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है."

युवक ने पंचायत में लगाई आग 

आरोपी गोपाल ने पूछताछ में बताया कि "उसे पीएम आवास सहित दूसरी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा था. जिसकी वजह से नाबालिग बेटे को भी हम्माली करनी पड़ रही है. गरीब होने के बाद भी जब योजना का लाभ नहीं मिला तो आहत होकर उसने यह कदम उठाया है."

घटना का लाइव वीडियो आया सामने

ग्राम पंचायत भवन में आगजनी का वीडियो भी सामने आया है. जिसमें आरोपी ग्राम पंचायत के दफ्तर में घुसकर पेट्रोल डालते हुए और आग लगाते हुए दिखाई दे रहा है. मौके पर मौजूद लोगों ने आग बुझाई और आरोपी को सालाखेड़ी चौकी पुलिस के हवाले किया है. वहीं, मोबाइल वीडियो के आधार पर सालाखेड़ी चौकी पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

बहरहाल शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की यह घटना निंदनीय है, लेकिन यह सवाल तो खड़ा होता है कि ग्रामीण क्षेत्र में कैसे लोगों को छोटे-छोटे काम, दस्तावेजों और सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए चक्कर लगाने पड़ते हैं. यही वजह है की सुनवाई नहीं होने से परेशान लोग अब सरकारी दफ्तर तक फूंक रहे हैं.

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