फरार शराब तस्कर मनजीत सिंह भाटिया की संपत्ति राजसात होगी पुलिस ने निगमायुक्त से मांगी चल—अचल संपत्ति की जानकारी


इंदौर/अलीराजपुर/जोबट । (राजेन्द्र के. गुप्ता 9827070242/सात्विक गुप्ता 8959346146) अलीराजपुर जिले के जोबट थाने में शराब तस्करी के दर्ज अपराध क्रमांक 469/2024 और अपराध क्रमांक 470/2024 आबकारी एक्ट की धारा 34(2), 46, 39 इन दोनों अपराध में पुलिस ने इंदौर निवासी मंजीतसिंह भाटिया को फरार घोषित करते हुए, भाटिया की संपत्ति राजसात/जप्त करने के लिए, जोबट थाना प्रभारी विजय वास्कले ने इंदौर निगमायुक्त को दिनांक 15/01/2026 को पत्र क्रमांक 79 भेज कर भाटिया की संपत्ति की जानकारी मांगी है। 


बड़े तस्कर में नाम शामिल —


इंदौर के बड़े शराब तस्करों में भाटिया का नाम लिया जाता है, जो गुजरात शराब तस्करी के लिए विख्यात है। भाटिया पर सिंडिकेट को धोखा देकर, अलग से गुजरात शराब तस्करी करने की चर्चा भी सिंडिकेट के बीच होती रही है। किशनगंज थाना पुलिस ने भी दो ट्रक बीयर तस्करी के पकड़े थे इसमें भी जप्त दोनों ट्रक एक भाटिया के नाम पर ही दर्ज थे ।


मुख्य तस्कर तक पहुंची पुलिस —


वरिष्ठ स्तर पर हुई शिकायत के बाद, पुलिस भाटिया जैसे मुख्य तस्कर तक पहुंची है, इसके लिए जोबट टीआई बधाई के पात्र है।


मुख्य तस्कर आरोपी बनाए जा कर जेल भेजे जाएंगे —


अलीराजपुर एसपी रघुवंश सिंह भदौरिया ने दमदारी दिखाते हुए भाटिया को प्रकरण में आरोपी बनाया है। शराब तस्करी के प्रकरणों में ड्राइवर, क्लीनर के साथ मुख्य तस्कर और वाहन मालिकों को भी आरोपी बनाया जाएगा तभी शराब तस्करी पर ठोस नियंत्रण हो पाएगा और गुजरात शराब तस्करी रुकेगी । अब भाटिया को जमानत नहीं मिल पाए और पुलिस द्वारा हिरासत में लिया जा कर लम्बे समय के लिए जेल भेजा जाए तब पुलिस की पूर्ण सफलता मानी जाएगी। पुलिस को यह भी जांच और पूर्ण संतुष्टि कर लेना चाहिए कि मंजीतसिंह भाटिया के पिता का नाम क्या है ? और पुलिस को किस फरार भाटिया की तलाश है ।


तस्कर के द्वारा आईएएस, तहसीलदार से मारपीट, अपहरण —


कुक्षी में शराब तस्करी और आईएएस, तहसीलदार के साथ मारपीट, अपहरण, लूट के दर्ज प्रकरण में मंजीतसिंह भाटिया पिता देवेंद्रसिंह भाटिया उर्फ रिंकू को आरोपी बनाया गया था, रिंकू को पुलिस ने फरारी के समय एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था। रिंकू लम्बे समय अलीराजपुर जेल में बंद रहा था।


पुलिस लगातार तस्करी पकड़ रही है —


इसी तरह हाल ही में पुलिस ने सादलपुर, टांडा, अलीराजपुर कोतवाली थाना, आंबुआ थाना पुलिस ने करोड़ो रूपयों की शराब तस्करी पकड़ कर, शराब तस्करी के प्रकरण दर्ज किए है। इन केसों में फिलहाल पुलिस के हाथ सिर्फ ड्राइवर, क्लीनर लगे है, इन  प्रकरणों में भी पुलिस को आधुनिक संसाधनों के माध्यम से मुख्य तस्करों, वेयर हाउस प्रभारी को आरोपी बनाना चाहिए, ऐसा ना हो की पुलिस अफसर के हाथ मुख्य तस्करों के गिरेबान तक पहुंचने में काबिलियत नहीं दिखा पाए, मुख्य तस्करों को पकड़ नहीं पाने के कारण पुलिस पर मोटी सेटिंग के आरोप लगते है ।

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