इंदौर में दूषित पानी से हुई 16 मौतों के बीच 2014 बैच के आईएएस क्षितिज सिंघल के कंधों पर अब इंदौर की कमान,

इंदौर की पेयजल व्यवस्था सुधारने और जनता का विश्वास जीतने की भारी जिम्मेदारी 

आईएएस में चयन के बाद उन्हें ओडिशा कैडर आवंटित किया गया था. हालांकि, आईएएस शीतला पाटले (IAS Sheetla Patle) से शादी के बाद उन्होंने ‘मैरिज ग्राउंड’ पर कैडर बदलने का आवेदन किया. फिर शादी के आधार पर उन्हें मध्य प्रदेश कैडर मिला. दोनों ने कुछ साल पहले न्यू ईयर के अवसर पर कोर्ट मैरिज की थी.

इंदौर में दूषित पानी से हुई 16 मौतों के बीच 2014 बैच के आईएएस क्षितिज सिंघल को नया निगमायुक्त नियुक्त किया गया है. आईएएस शीतला पाटले से शादी के बाद ओडिशा से एमपी आए क्षितिज के कंधों पर अब इंदौर की पेयजल व्यवस्था सुधारने और जनता का विश्वास जीतने की भारी जिम्मेदारी है.

इंदौर (IAS Kshitij Singhal). देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के लिए साल 2026 की शुरुआत बड़ी त्रासदी और प्रशासनिक उथल-पुथल के साथ हुई है. शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल की आपूर्ति के कारण हुई 16 मौतों और सैकड़ों लोगों के अस्पताल पहुंचने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर नगर निगम के आयुक्त दिलीप यादव को तत्काल प्रभाव से हटाकर 2014 बैच के तेजतर्रार आईएएस अधिकारी क्षितिज सिंघल को नया निगमायुक्त नियुक्त किया है.


कौन हैं IAS क्षितिज सिंघल 16 मौतों के बाद मिली इंदौर की कमान

IAS Kshitij Singhal आईएएस क्षितिज सिंघल अब इंदौर की कमान संभालेंगे


यह नियुक्ति ‘संकटमोचक’ की भूमिका मानी जा रही है. आईएएस क्षितिज सिंघल के सामने इंदौर की धूमिल होती साख को बचाने और पेयजल व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास बहाल करने की बड़ी चुनौती है. क्षितिज सिंघल का प्रशासनिक सफर मेधा और समर्पण का मिश्रण रहा है. यूपीएससी में 83वीं रैंक हासिल करने वाले क्षितिज ने अपने करियर की शुरुआत ओडिशा कैडर से की थी. लेकिन निजी जीवन और प्रोफेशनल कमिटमेंट के बीच बैलेंस बिठाते हुए वे मध्य प्रदेश कैडर का हिस्सा बने


आईएएस क्षितिज सिंघल कौन हैं?

आईएएस शीतला पाटले से शादी के बाद एमपी आए क्षितिज सिंघल ने उज्जैन और सिवनी में अपने कार्यकाल के दौरान जटिल समस्याओं के तुरंत समाधान के लिए पहचान बनाई है. अब इंदौर में मची हाहाकार के बीच उनकी नियुक्ति दर्शाती है कि सरकार को उनकी कार्यक्षमता पर पूरा भरोसा है. जानिए, 83वीं रैंक से इंदौर के ‘स्वच्छता और स्वास्थ्य’ के रक्षक बनने तक का उनका सफर.

आईएएस क्षितिज सिंघल का सफर

क्षितिज सिंघल 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2013 में देशभर में 83वीं रैंक हासिल की थी. राजस्थान के मूल निवासी क्षितिज सिंघल ने अपनी उच्च रैंक के साथ प्रशासनिक जगत में धमाकेदार शुरुआत की.

शादी के बाद बदला कैडर

आईएएस में चयन के बाद उन्हें ओडिशा कैडर आवंटित किया गया था. हालांकि, आईएएस शीतला पाटले (IAS Sheetla Patle) से शादी के बाद उन्होंने ‘मैरिज ग्राउंड’ पर कैडर बदलने का आवेदन किया. फिर शादी के आधार पर उन्हें मध्य प्रदेश कैडर मिला. दोनों ने कुछ साल पहले न्यू ईयर के अवसर पर कोर्ट मैरिज की थी.

कहां-कहां मिली पोस्टिंग?

इंदौर आने से पहले क्षितिज सिंघल ने कई अहम पदों पर काम किया है:

निदेशक, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी: इंदौर कमिश्नर बनने से ठीक पहले वे बिजली विभाग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे.

कलेक्टर, सिवनी: सिवनी जिले के कलेक्टर के रूप में उनका कार्यकाल काफी सक्रिय रहा.

निगमायुक्त, उज्जैन: उनके पास नगर निगम चलाने का पहले से अनुभव है, जो इंदौर में उनके काम आएगा.

इंदौर त्रासदी और नए कमिश्नर की प्राथमिकताएं

इंदौर वर्तमान में अपनी पेयजल लाइनों के दूषित होने और उसके कारण हुए डायरिया के प्रकोप (Diarrhoea Outbreak) को लेकर चर्चा में है. सीवरेज और पीने के पानी की लाइनें आपस में मिल जाने के कारण शहर के भागीरथपुरा इलाके में 16 लोगों की मौत हो चुकी है. आईएएस क्षितिज सिंघल के पदभार संभालते ही उनकी पहली प्राथमिकता पाइपलाइनों की लीकेज ठीक करना, प्रभावित परिवारों को राहत दिलाना और पूरे शहर के वॉटर सप्लाई नेटवर्क का ‘हेल्थ ऑडिट’ करना होगा.

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