गुना की दिव्यांग महिला ने आर्थिक मदद से शुरू किया बिजनेस, आत्मनिर्भर बन रची सफलता की कहानी, कलेक्टर को धन्यवाद देने पहुंचीं रूपवती
दिव्यांग महिला के जज्बा के कायल हुए गुना कलेक्टर
गुना: सोच अगर ऊंची हो, तो रास्ते खुद बन जाता है. इस कहावत को सही मायने में गुना की रहने वाली रूपवती अहिरवार ने चरितार्थ करके दिखाया है. दोनों पैरों से विकलांग होने के बावजूद उन्होंने खुद को आत्मनिर्भर बनने का रास्ता ढूंढ निकाला है. उनकी इस कोशिश के गुना कलेक्टर किशोर कुमार
भी कायल हो गए हैं. उन्होंने रूपवती की मेहनत की जमकर सराहना की है. दिव्यांग रूपवती अहिरवार ने एक छोटी सी मदद से अपने जीवन को नई मंजिल दी है. साथ ही दिव्यांगों के लिए मिसाल पेश की है. उनकी इस कामयाबी की दूर-दूर तक चर्चा हो रही है.
कलेक्टर ने दिव्यांग के जज्बे को दिया पंख
श्रीराम कॉलोनी गुना में रहने वाली दिव्यांग रूपवती के आत्मनिर्भर बनने की कहानी की शुरुआत जनवरी 2026 से होती है. शारीरिक अक्षमता और आर्थिक तंगी से जूझ रही रूपवती ने अपने बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए आत्मनिर्भर बनने का साहसिक निर्णय लिया. फिर क्या था वो गुना कलेक्ट्रेट में लगने वाली जनसुनवाई में पहुंच गई और गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल को अपनी परेशानियों के बारे में बताया. साथ ही छोटा-मोटा काम करने के लिए कलेक्टर से आर्थिक मदद दिलाने की गुहार लगाई.
आत्मनिर्भर बन रूपवती ने पेश की मिसाल
आत्मविश्वास और मेहनत की हुई जीत
रूपवती ने बताया कि वह और उनके पति 80 फीसदी विकलांग हैं, जीवन यापन करना कठिन हो रहा है. बच्चों को पालना तक मुश्किल हो गया है. कलेक्टर ने उनकी पीड़ा और आत्मनिर्भर बनने की जिद को देखते हुए तत्काल रेडक्रॉस के माध्यम से 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर दी. इस मदद से रूपवती ने खिलौनों की दुकान शुरू की है. रूपवती ने 1 जनवरी को टेकरी मेले में खिलौनों की दुकान लगाई थी. अपनी मेहनत और लगन से पहले दिन ही 6 हजार रुपए का शुद्ध मुनाफा हुआ. यह सिर्फ कमाई नहीं थी, बल्कि रूपवती के आत्मविश्वास और मेहनत की जीत थी.
रूपवती ने कलेक्टर को दिया धन्यवाद
मंगलवार 13 जनवरी को रूपवती दोबारा कलेक्ट्रेट में पहुंची, लेकिन इस बार वे मदद मांगने नहीं बल्कि कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल का धन्यवाद करने पहुंची थी. रूपवती की आंखों में इस बार भी आंसू थे, लेकिन ये आंसू उसकी सफलता की कहानी बयां कर रहे थे. रूपवती ने बताया कि "वो अब अपने इस व्यापार को और बढ़ाना चाहती हैं."
सरकारी मदद से रूपवती ने खोली दुकान
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'मदद कर मुझे खुशी हो रही'
गुना कलेक्टर ने कहा, "मुझे खुशी है कि हमने जो राशि महिला को दी थी, उसने उसे अपने व्यापार में लगाया और लाभ कमाया. मैं लोगों से भी ये रिक्वेस्ट करूंगा कि जो बहुत ज्यादा आर्थिक रूप से कमजोर हैं उनकी सहायता मैं जरूर करूंगा




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