चाइनीज मांझा या मौत का मांझा फिर भी लोगों को लहुलुहान कर रहा सालों से बेन चाइनीज मांझा? नए साल में अब तक कई लोगों को चपेट में ले लिया




इंदौर में चाइनीज मांझे का कहर : गर्दन कटने से ठेकेदार की मौत, नीट अभ्यर्थी घायल; आधे घंटे में दो दर्दनाक हादसे

इंदौर। शहर में रविवार को चाइनीज मांझा ने एक और जान ले ली। बाइक से जाते समय टाइल्स ठेकेदार रघुवीर धाकड़ की मांझे की चपेट में आकर आधी गर्दन कट गई और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने चाइनीज मांझा की खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के पुलिस-प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। डेढ़ महीने में चाइनीज मांझा से इंदौर में यह दूसरी मौत हुई है।


घटना खजराना थाना क्षेत्र के गणेश सेतु की है। ओम साईं विहार कालोनी निवासी 45 वर्षीय रघुवीर धाकड़ रविवार शाम स्वर्ण बाग कॉलोनी से घर जा रहे थे। खजराना से बंगाली चौराहा की ओर जाते वक्त गले में मांझा अटका और रघुवीर बाइक सहित नीचे गिर गए। ऑटो चालक ने जब तक उठाया, तब तक लहूलुहान रघुवीर की आधी गर्दन कट चुकी थी। एमवाय अस्पताल के चिकित्सक ने चेक करने के बाद रघुवीर को मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल में भी उसकी गर्दन में मांझा लिपटा हुआ था। बता दें कि डेढ़ महीने पहले 30 नवंबर को इंदौर शहर में ओमेक्स सिटी निवासी 16 वर्षीय गुलशन की चाइनीज मांझा से गर्दन कटने के कारण मौत हो गई थी।

आधे घंटे बाद दूसरा हादसा, नीट अभ्यर्थी की गर्दन कटी

इंदौर शहर में टाइल्स ठेकेदार की मौत के आधे घंटे बाद ही मांझे से हादसे की दूसरी घटना भी हो गई। जूनी इंदौर थाना क्षेत्र में सपना संगीता रोड पर नीट की तैयारी कर रहे नरेंद्र जामोद का भी चाइनीज डोर से गला कट गया। वह एक दोस्त के साथ बाइक से जा रहा था। उसको एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। गर्दन में टांके लगे हैं।


कागजों में प्रतिबंध, सड़कों पर मौत

बता दें कि कई जिलों में हादसों के बाद कुछ महीने पहले मध्य प्रदेश सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों को चाइनीज मांझे के विक्रय पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में इंदौर समेत कई जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने कुछ दिन तो सख्ती दिखाई। इंदौर पुलिस कमिश्नर ने भी प्रतिबंध के निर्देश दिए। कलेक्टर ने भी चाइनीज और सिंथेटिक मांझा बेचने पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया, फिर भी शहर के छत्रीपुरा, मेवाती मोहल्ला, काछी मोहल्ला में चाइनीज मांझा की बिक्री हो रही है। यानी प्रतिबंध सिर्फ कागजों तक सीमित है और सड़कों पर मौतें हो रही हैं। भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में भी मांझे से हादसों में लोगों की मौतें हो चुकी हैं।

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