अपराध पुराना तो वर्तमान में सजा नहीं, तो फ्राड करने वाली सभी कंपनियां बच निकलेंगी
(राजेन्द्र के गुप्ता 9827070242/सात्विक गुप्ता 8959346146)
इस देश में विधि अनुसार समय पर त्वरित न्याय होता तो सोम डिस्टलरीज इतने साल चल नहीं पाती इस पर भी तथ्य रखना चाहिए* क्योंकि
मुरैना जिला न्यायालय से कंपनी को सजा, देपालपुर न्यायालय से सजा, ब्लैक लिस्टेड, शासन की बकायादार, MPSIDC की बकायादार समय पर केस नहीं निपटने के लिए कौन जिम्मेदार ?
समय पर लंबित केस के अतिरिक्त अपराध साबित होने के बाद भी क्या कठोर कार्यवाही की गई ये भी सामने आना चाहिए अर्थात प्री प्लान लगातार अपराध घटित करते रहने वाली कंपनी के दस्तावेजों पर पदाधिकारी बदलने से कंपनी के अपराध समाप्त कैसे हो सकते है ?
कंपनी ही सजा याफ़्ता तो कौन बचता है, भले एमडी डायरेक्ट बदल दिए जाए, कंपनी की आय से कौन किस प्रकार से आर्थिक लाभ ले रहा है ये भी सामने आना चाहिए, जो दस्तावेजों पर कंपनी के पदाधिकारी है उनको कितनी राशि मिल रही है वो खर्च कहा कर रहे है ये भी मांगा जाना चाहिए, तभी कंपनी के वास्तविक लाभार्थी का पता चलेगा
इस मामले में MPSIDC का उदाहरण सरकार को हाईकोर्ट के सामने रखना चाहिए कि इतने समय से MPSIDC वसूली का केस सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट (कंपनी कोर्ट सहित) के क्या क्या आदेश जारी हुए है कंपनी क्या जवाब दे रही है
जब सजा हुई तब कंपनी के पदाधिकारी ने न्यायालय में क्या जवाब दिए/नहीं दिए
कंपनी के मालिक बदलते रहे तो क्या हुआ कंपनी ही पहली सजा याफ़्ता है और कंपनी ही टेंडर करती है
वर्तमान में कंपनी के पदाधिकारी दोषी नहीं है तो सभी मामलों में ऐसा ही कानून लागू हो जिससे अभी कंपनियों के अपराध घटित करने वाले एमडी डायरेक्ट उम्र की दुहाई देकर बच निकले और कंपनी मालिक और लायसेंस अवधि बदल जाने की दुहाई देकर बच निकले
किसी आदेश में त्रुटि विषय नहीं कंपनी ही तस्करी करके लगातार शासन को राजस्व का चूना लगा रही है और जनता पर बोझ बढ़ा रही है क्योंकि तस्करी से सरकार को राजस्व की हानि हो रही है और सरकार जनता पर टैक्स, मंहगाई का बोझ बढ़ाती जा रही है
कंपनी आदतन अपराध घटित कर रही है जो कंपनी के द्वारा प्री प्लानिंग अपराध घटित करने के बेड इंटेंशन को प्रमाणित करता है
दो कंपनियों को अलग अलग आदेश जारी करने से कार्यवाही पर क्या फर्क पड़ता? बस कागज ही अधिक लगते और इसका बोझ वृक्ष कटाई पर पड़ता
अगर सजा में विलंब से कार्यवाही वर्तमान में नहीं की जा सकती है तो सभी अपराध में यही सिस्टम लागू होने से किसी अपराधी को सजा नहीं मिलेंगी*
हर कंपनी नया लायसेंस लेकर पुराने पाप से छुटका पा लेगी और बच निकलेंगी
यह लायसेंस नहीं एक अपराधिक प्रवृति की कंपनी को आगे अपराध लगातार करने के लिए रोका गया है




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