ED ने धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया की 18 करोड़ 20 लाख की संपत्ति कुर्क की
नई दिल्ली/भोपाल/इंदौर । (राजेन्द्र के. गुप्ता 9827070242/सात्विक गुप्ता 8959346146) ईडी ने भदौरिया से उनकी संपत्ति के वैध स्त्रोत की जानकारी मांगी थी जो भदौरिया देने में असफल हो गए उसके बाद ईडी ने धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया की लगभग 18 करोड़ 20 लाख की संपत्ति कुर्क कर ली है।
ज्ञात हो कि लोकायुक्त पुलिस के द्वारा भदौरिया के यहां मारे गए छापे के आधार पर ईडी ने ये कार्यवाही की है। तत्कालीन कलेक्टर मनीष सिंह ने भी भदौरिया को डीसी कार्यालय से हटा कर निर्वाचन में अटैच कर दिया था। भदौरिया के कारण एक डीसी को भी विधागीय जांच का सामना करना पड़ा था।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत अलीराजपुर के पूर्व जिला जिला अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया और उनके परिवार के सदस्यों से संबंधित लगभग 18 करोड़ 20 लाख रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। ईडी ने धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 में संशोधित) की धारा 13(2) के साथ धारा 13(1)(बी) के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की, जिसमें उन पर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखने का आरोप लगाया गया था। ईडी को जांच से पता चला कि 1987 से 31.08.2025 तक की अवधि के दौरान, धर्मेंद्र सिंह भदौरिया ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों के अनुपात से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। लगभग 2 करोड़ रुपये की वैध आय के मुकाबले, उन्होंने और उनके परिवार के सदस्यों ने लगभग 11.18 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की और खर्च किए, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 9.18 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति हो गई, यानी उनकी ज्ञात वैध आय से लगभग 459 प्रतिशत अधिक। ईडी को जांच के दौरान पता चला कि धर्मेंद्र सिंह भदौरिया और उनके परिवार से जुड़े विभिन्न परिसरों और बैंक लॉकरों पर संबंधित एजेंसी द्वारा की गई तलाशी में भारी मात्रा में नकदी, सोने के आभूषण, सोने की ईंटें, चांदी के गहने और अन्य मूल्यवान वस्तुएं बरामद और जब्त की गईं। पीएमएलए के तहत की गई जांच में यह भी सामने आया कि धर्मेंद्र सिंह भदौरिया ने जब्त की गई नकदी और आभूषणों का स्वामित्व स्वीकार किया। भदौरिया संपत्तियों के अधिग्रहण के संबंध में कोई विश्वसनीय स्पष्टीकरण, उचित स्रोत या सहायक दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफल रहे। आगे की जांच में पता चला कि धर्मेंद्र सिंह भदौरिया और उनके परिवार के सदस्यों के पास जांच अवधि के दौरान अर्जित उच्च मूल्य की चल और अचल संपत्ति पाई गई। इन संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए उपयोग किए गए धन के स्रोत का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिल सका और यह परिवार की ज्ञात वैध आय के अनुपात में नहीं पाया गया। पीएमएलए की जांच के दौरान, 18.20 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति पाई गई, और इसकी जानकारी पीएमएलए की धारा 66(2) के तहत लोकायुक्त के विशेष कार्यकारी प्राधिकरण (एसपीई) के साथ साझा की जा रही है। तदनुसार, ईडी ने पीएमएलए, 2002 की धारा 5(1) के तहत अपराध की आय और/या उसके मूल्य से संबंधित लगभग 18.20 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है, ताकि उन्हें छिपाने, हस्तांतरित करने या निपटाने से रोका जा सके और ज़ब्ती की कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। इसमें नकदी, आभूषण, कीमती धातुएं और अचल संपत्तियां शामिल हैं। ईडी के द्वारा आगे की जांच जारी रखी है।




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