पुलिस की ईज्जत का जुलूस निकलने के बाद भी आरोपियों का जुलूस नहीं निकला

 पुलिस की ईज्जत का जुलूस निकलने के बाद भी आरोपियों का जुलूस नहीं निकला

UP में एनकाउंटर कर दिया जाता

भूमाफिया प्रतीक संघवी को पूछताछ के लिए पुलिस ने उठाया

इंदौर। (राजेन्द्र के. गुप्ता 9827070242/सात्विक गुप्ता 8959346146) कनाड़िया थाना क्षेत्र की विवादित डायमंड कॉलोनी के भूमि विवाद में भूमाफिया प्रतीक संघवी पिता भूमाफिया स्व.सुरेन्द्र संघवी और इसके भूमाफिया साथियों ने पुलिस कर्मचारियों को पीटा, धमका कर दौड़ाया, घायल किया उसके बाद भी एफआईआर दर्ज करने में विलंब किया गया और भूमाफियाओं के बचाव में बातें कही गई। जब मीडिया ने मामले को प्रमुखता से लगातार उठाया, तब पुलिस कर्मचारियों को पीटने, दौड़ाने और घायल करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई...जबकि मुख्य साजिशकर्ता से पुलिस अब भी सिर्फ पूछताछ ही कर रही है, जबकि पूरी दुनिया को पता है डायमंड कॉलोनी की जमीन विवाद से आरोपी गुंडों का किस प्रकार से लेना—देना है या वो मुख्यसाजिशकर्ता संघवी के गुर्गे है.....?

पुलिस के रौब और ईज्जत का जुलूस निकल गया —

एफआईआर दर्ज करने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के संबंध में खबरें प्रकाशित हुई तब जा कर टीआई सहर्ष यादव ने आरोपियों को गिरफ्तार किया जो भूमाफिया के गुर्गे है। सभी प्रमुख अखबारों में पिछले कुछ दिनों से इस घटना की प्रकाशित खबरों से जनता में पुलिस के रौब और ईज्जत का जुलूस निकल रहा है फिर भी आरोपियों के भागने में हाथ—पैर टूटे हुए जुलूस नहीं निकला, अगर यही घटना यूपी में हुई होती तो अब तक आरोपियों में से कुछ का एंकाउंटर हो गया होता.....इसी मामले में भूमाफिया प्रतीक संघवी पिता भूमाफिया सुरेन्द्र संघवी को पुलिस ने पूछताछ के लिए उठाया है, प्रतीक से थाने में पूछताछ की जा रही है, एक न्यूज के वायरल वीडियो में प्रतीक पुलिस को इशारा करता दिख रहा है कि ये वीडियो बना रहे है अर्थात पुलिस अब भी प्रतीक से मित्रवत पूछताछ कर रही है, वो भी शायद मीडिया को जवाब देने के लिए और पुलिस की हो रही थू—थू को कवर करने के लिए अन्यथा जिन गुंडों ने पुलिस कर्मचारियों से मारपीट की, दौड़ाया, घायल किया है उन गुंडों का डायमंड कॉलोनी से क्या लेना देना ? प्रतीक के द्वारा ही पुलिस पर हमले की साजिश रची जाना प्रतीत हो रहा है, अब आगे देखना ये है कि पुलिस प्रतीक संघवी को कैसे राहत देती है या मुख्य साजिशकर्ता बनाती है ?

संघवी की डायमंड कॉलोनी —

स्व.भूमाफिया सुरेन्द्र संघवी ने डायमंड कॉलोनी की भूमि पर बसे हुए गरीबों को उजाड़ कर और गुंडागर्दी से उनके प्लाटों पर कब्जा करके उन्हें उखाड़ कर फेंकने के लिए बब्बू, छब्बू जैसे उठाईगिरे गुंडे पाले थे, उसी तरह से अमीर बनने की आपराधिक प्रक्रिया को अब प्रतीक संघवी आगे बढ़ा रहा है। पिछले 30—35 सालों से डायमंड कॉलोनी की जमीन खाली करवाने की साजिशे रची जा रहीं है क्योंकि ये जमीन महंगी होती जा रही है, अरबों रुपयों की ये जमीन एक संस्था की जमीन है और बकायदा पिछले 35—40 साल से गरीब अपने कच्चे, पक्के मकान बना कर रह रहे है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भूमाफिया इस बड़ी जमीन पर बड़ा मॉल बनाना चाहते है, जिससे करोड़ो रूपये महीने की आय हो सके किंतु इसमें रोड़ा बन रहे रहवासियों को भूमाफियाओं के गुंडों ने जीना हराम कर रखा है। 

गरीब को उजाड़ कर अमीर बनने की चाहत

भूमाफिया संघवी परिवार और इससे जुड़े अन्य भूमाफिया गरीबों को उजाड़ कर अमीर बनने के खेल में पूरा अपराध घटित कर और करवा रहा है। सुरेंद्र संघवी, प्रतीक संघवी, दिलीप सिसौदिया उर्फ दीपक मद्दा, बब्बू, छब्बू पर कई अपराध दर्ज हुए, फरार रहे, कई जेल भेजे गए, बीमारियां हो गई, नर्क भी सिधार गए फिर भी इनको समझ नहीं आया कि गरीब की बददुआएं क्यों लें ? काली कमाई की इतनी हाय किसी समझदार और अच्छे चरित्र के व्यक्ति को नहीं होती है। दिलीप सिसौदिया उर्फ दीपक मद्दा ने तो गृह मंत्रालय का फर्जी लेटर बना लिया था, इस मामले में मद्दा लम्बे समय जेल में बंद भी रहा। 

मस्जिद भी थी —

यहां एक मस्जिद भी थी जिसे भी भूमाफियाओं ने नुकसान पहुंचाया और इनके मुस्लिम गुंडों ने तोड़ फोड़ भी की थी, जिसकी खबरें भी सामने आई थी। जो हर समय अल्लाह के खौफ की बात कहते है उन्होंने भी कभी इन गुंडों का विरोध नहीं किया!!!

प्रतीक गिरफ्तार —

पूर्व में एमआईजी थाने सहित अन्य थानों में दर्ज हुए अपराध में प्रतीक और सुरेन्द्र लम्बे समय फरारा रहे थे, हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली थी। अब इस मामले में कनाड़िया थाना पुलिस ने अपनी ईज्जत बचाने के लिए प्रतीक संघवी को पूछताछ के लिए उठाया है। प्रतीक के साथ जुड़े भूमाफियाओं का रिकॉर्ड प्रतीक के मोबाईल से मिल सकता है उन सभी को और इनको बचाने वाले दलालों को भी खोज कर पकड़ना चाहिए। तभी भूमाफियाओं के द्वारा समूह बना कर, इस तरह के अपराध करने और पुलिस पर हमला करने के दुस्साहस पर लगाम लगेगी और जनता राहत की सांस लेगी। इन भूमाफियाओं ने गरीबों के हक के प्लाटों पर कब्जा करके मोटा आर्थिक लाभ प्राप्त किया है, उनकी संपत्ति जप्त की जाना चाहिए ।

मुख्यमंत्री ने मंच से बोला था —

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री रहते हुए मंच से बोला था अब्बू, बब्बू, छब्बू कोई भी भूमाफिया हो बचेगा नहीं। उसके बाद तत्कालीन डीआईजी और वर्तमान पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने बब्बू, छब्बू की गिरफ्तारी करवा कर जुलूस निकलवाया था। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह के उस कार्यकाल में हुई कार्यवाही को इंदौर की जनता आज भी याद करती है और उसी तरह की सख्त कार्यवाही की दरकार रखती है.....

शहजाद लाला हत्याकांड —

सूत्रों के अनुसार मिली जानकारी के अनुसार इंदौर में शहजाद लाला हत्याकांड उसी डायमंड कॉलोनी की जमीन को खाली करवाने के लेन देन के विवाद में हुआ था, जिसमें शहजाद के साथी गवाह ने मोटे लालच में बयान बदलने से आरोपियों को लाभ मिला था ।







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