🇮🇳 आजादी के जश्न में ‘कीड़ा कांड’! बच्चों के हाथ पहुंचे फफूंद लगे बदबूदार लड्डू, पेट दर्द ने खोली मिठाई की पोल; 40 किलो लड्डू जब्त! 🔥
🇮🇳 तिरंगा हाथ में, फफूंद वाला लड्डू पेट में! 40 किलो मिठाई में छिपी ‘फफूंद की आफत’, बदबू ने खोली पोल—खाद्य विभाग ने मारा छापा
इंदौर। स्वतंत्रता दिवस का जश्न उस समय फीका पड़ गया, जब इंदौर के खुड़ैल क्षेत्र के सोन गुराड़िया गांव में स्कूली बच्चों को बांटे जा रहे लड्डुओं में फफूंद और बदबू की शिकायत सामने आई। राष्ट्रीय पर्व के मौके पर बच्चों के बीच मिठाई बांटी जा रही थी, लेकिन लड्डू के पैकेट खुलते ही कुछ बच्चों ने उनमें से तेज बदबू आने की शिकायत की। लड्डुओं को देखा गया तो कुछ पर फफूंद लगी हुई दिखाई दी। इसके बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और लड्डुओं का वितरण रुकवा दिया गया।
स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद स्कूली बच्चों को लड्डुओं के पैकेट दिए जा रहे थे। इसी दौरान बच्चों ने स्कूल स्टाफ को लड्डुओं से बदबू आने की जानकारी दी। कुछ लड्डुओं पर फफूंद नजर आने के बाद मामला गंभीर हो गया। जानकारी मिलने पर ग्रामीण भी स्कूल पहुंच गए। ग्रामीणों ने मौके पर चल रहे लड्डू वितरण को रुकवाया और संबंधित अधिकारियों को मामले की सूचना दी।
बताया जा रहा है कि स्कूल में बच्चों को बांटने के लिए इंदौर के खजराना क्षेत्र की एक दुकान से करीब 40 किलो लड्डू मंगवाए गए थे। पंचायत की ओर से इन लड्डुओं का पूरा भुगतान किए जाने की बात भी सामने आई है। लेकिन वितरण के दौरान मिठाई की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए। जिन बच्चों ने लड्डू खा लिए थे, उनमें से दो बच्चों ने पेट दर्द की शिकायत की, जिसके बाद ग्रामीणों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों से शिकायत की।
🚨 ग्रामीणों ने तहसीलदार से की शिकायत
खराब लड्डू बांटे जाने की शिकायत ग्रामीणों ने क्षेत्र के तहसीलदार से की। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन को मामले की जानकारी दी गई। इसके बाद इंदौर से खाद्य विभाग की टीम स्कूल पहुंची। टीम ने मौके पर मौजूद लड्डुओं की जांच की और उन्हें जब्त कर लिया। अधिकारियों ने लड्डुओं के सैंपल लिए और उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया।
खाद्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक मौके पर मौजूद लड्डुओं से बदबू आने की शिकायत सामने आई थी। अब सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लड्डुओं की गुणवत्ता खराब होने की वजह क्या थी और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।
🔍 दुकान और लड्डू बनाने वाले कारखाने तक पहुंची टीम
मामला सिर्फ स्कूल तक सीमित नहीं रहा। खाद्य विभाग की दूसरी टीम खजराना क्षेत्र स्थित उस दुकान पर भी पहुंची, जहां से लड्डू खरीदे गए थे। इसके साथ ही उस कारखाने का भी निरीक्षण किया गया, जहां लड्डू बनाए गए थे।
निरीक्षण के दौरान टीम को वहां गंदगी मिलने की बात सामने आई। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लड्डुओं के भी सैंपल लिए और उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। अब विभाग की जांच स्कूल में पहुंचे लड्डुओं और उनके निर्माण स्थल दोनों स्तरों पर की जा रही है।
❓ 40 किलो लड्डू की गुणवत्ता पर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर बच्चों को बांटने के लिए खरीदी गई 40 किलो मिठाई की गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर हुई? अगर लड्डुओं में वास्तव में फफूंद लगी थी और उनसे बदबू आ रही थी, तो ऐसी मिठाई बच्चों तक पहुंचने से पहले ही क्यों नहीं रोकी गई?
स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर बच्चों को खुशी बांटने के लिए दी गई मिठाई अगर स्वास्थ्य के लिए परेशानी का कारण बन जाए, तो यह चिंता का विषय है। फिलहाल खाद्य विभाग ने लड्डुओं को जब्त कर सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं।
अब सभी की नजर प्रयोगशाला की रिपोर्ट पर है। रिपोर्ट आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी कि लड्डुओं में फफूंद और बदबू की वास्तविक वजह क्या थी, निर्माण स्थल पर मिली गंदगी का इससे कोई संबंध है या नहीं और इस मामले में जिम्मेदारी किसकी तय होती है। तब तक बच्चों और अभिभावकों के बीच भी इस घटना को लेकर चिंता बनी हुई है।




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